

🚨💔 प्रेम-जिद-अंधविश्वास का खूनी अंत: गर्लफ्रेंड को ‘वश’ कराने चला था राजा बाबू, तांत्रिक के हाथों चली गई जान — कानपुर देहात में एकतरफा प्यार और तंत्र-मंत्र की आड़ में 2 लाख की ठगी के बाद चाकुओं से गोदकर हत्या, पुलिस ने भेजा हत्यारे को सलाखों के पीछे 💔🚨
कानपुर देहात में एकतरफा प्रेम और अंधविश्वास के अंधे रास्ते ने 26 वर्षीय युवक का जीवन दर्दनाक तरीके से समाप्त कर दिया। शिवली क्षेत्र के अरशदपुर गांव निवासी राजा बाबू, उसी गांव की रहने वाली, शादीशुदा महिला गुड़िया उर्फ पूनम के प्रति एकतरफा आकर्षण में इस कदर डूब चुका था कि सच-झूठ, रिश्ते-मर्यादा और सही-गलत के बीच की रेखा तक मिटा बैठा। प्रेम के इस जुनून में उसने अपने दिल की बात कहकर समाधान खोजने के बजाय, अंधविश्वास की राह पकड़ ली और अपनी प्रेमिका को “वश में कराने” की चाहत में गांव के ही चर्चित तांत्रिक नीलू गौतम के संपर्क में आ गया। शिवली थाना पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि तांत्रिक ने राजा बाबू को तंत्र-मंत्र के जरिये महिला को वश में कराने का झांसा देकर उससे दो लाख रुपये ऐंठ लिये थे। रुपयों की इतनी बड़ी रकम देने के बाद राजा बाबू को लगा था कि यह उसके प्रेम को पाने की आखिरी उम्मीद है, लेकिन यही उम्मीद उसके जीवन की सबसे बड़ी भूल साबित हुई।
घटना वाली रात राजा बाबू तांत्रिक की तांत्रिक-क्रिया के बारे में सवाल जवाब करने उसके घर पहुंचा था। वहां दोनों ने पहले साथ बैठकर शराब पी। नशा चढ़ा तो तांत्रिक, राजा बाबू से लिये गये पैसों को लेकर घिरता देख आक्रामक हो उठा। बहस ने पल भर में उग्र रूप ले लिया। राजा बाबू ने जैसे ही पैसों की वापसी की बात उठाई, तांत्रिक का चेहरा बदल गया। ठगी की पोल खुलने और रुपये लौटाने के दबाव में आरोपी गुस्से से भर गया और नशे की झोंक में चाकू निकालकर उस पर लगातार कई वार कर दिये। गवाहों और पुलिस पूछताछ में सामने आया कि राजा बाबू को बचने का मौका तक नहीं मिला। चाकू के वार इतने गहरे और ताबड़तोड़ थे कि वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ा और कुछ ही क्षणों में उसकी सांस थम गई। हत्या के बाद आरोपी, घटनास्थल से भागने का प्रयास कर ही रहा था कि पुलिस सूचना पर तेजी से सक्रिय हुई और सटीक घेराबंदी कर आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक पड़ताल और गांव वालों के बयान से यह भी साफ हुआ कि राजा बाबू के व्यवहार में पिछले कई महीनों से बेचैनी, गुस्सा, और अवसाद के संकेत दिखने लगे थे। दोस्त बताते हैं कि वह लगातार यह कहता रहता था कि “वह मेरी नहीं हो सकती… तो किसी की भी नहीं होगी”, जो इस बात का प्रमाण है कि यह प्रेम नहीं, बल्कि रिश्तों के प्रति उपजे विकृत मोह की जिद थी। परिवार ने कई बार उसे समझाया, दोस्तों ने वास्तविक जीवन में वापस लौटने की कोशिश की, लेकिन तंत्र-मंत्र और महिला को जबरदस्ती “वश में” करने का भूत उसके दिमाग में बैठ चुका था। यही वह मानसिक मोड़ था, जहां से उसके पतन की पटकथा लिखी जाने लगी। गुड़िया से बातचीत, उसकी राय, और उसके वैवाहिक जीवन की मर्यादा को समझने की कोशिश राजा बाबू ने कभी नहीं की। वह मौन में सपने सजाता रहा, और तांत्रिक के झूठे दावों पर अपना भविष्य दांव पर लगाता चला गया।
पुलिस पूछताछ में तांत्रिक नीलू ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए कहा कि उसने तंत्र-मंत्र के नाम पर युवक को सिर्फ बेवकूफ बनाया था, पैसों की वापसी का कोई इरादा नहीं था और नशे में बहस बढ़ने पर उसने यह हत्या कर दी। आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस हत्या ने समाज में एक बार फिर यह गंभीर संदेश छोड़ दिया है कि प्रेम की जिद जब अंधविश्वास का दामन पकड़ ले, तो वह इंसान को सबसे क्रूर अंत तक पहुंचा देती है।
यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि उस मानसिक दवाब, अंधविश्वास, सामाजिक समझ की कमी, और एकतरफा प्रेम की जहरीली जिद का परिणाम है, जिसने एक घर का चिराग बुझा दिया। सवाल अब भी वही — क्या प्रेम इतना कमजोर है कि उसे तंत्र-मंत्र और शराब-खून की भाषा की जरूरत पड़ जाए? या फिर हम प्रेम को समझने में इतने अचानक अंधे हो जाते हैं कि सच की राह देखना ही छोड़ देते हैं? भोजपुर शिक्षा विभाग और संबंधित प्रशासन को भी अब आत्ममंथन करना होगा कि युवाओं में बढ़ती मानसिक बेचैनी और अंधविश्वास का अंधकार किस दिशा में समाज को धकेल रहा है। यह घटना जरूर कार्रवाई अभियान की आवश्यकता को और मजबूत करती है, ताकि समय रहते अंधविश्वास की जड़ों को काटा जा सके।
✍🏼 रिपोर्ट: एलिक सिंह — संपादक, वंदे भारत लाइव टीवी समाचार









